मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे को राम मंदिर से न जोड़ें.

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उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद आज पहली बार यहाँ के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या गये. हैं. यहां उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की और रामलला के दर्शन किए. सीएम योगी आदित्यनाथ ने सरयू नदी के किनारे भी पूजा अर्चना की. योगे सरकार पहले से ही प्रदेश की कानून व्यवस्था व बढ़ते अपराध को लेकर निशाने पर हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री योगी का अयौध्या दौरा विरोधियों को रास नहीं आएगा यह तो तय सी बात हैं. वाले योगी आदित्यनाथ कट्टर हिंदूवादी छवि के लिए पहचाने जाते हैं. इसलिए ये अयौध्या दौरा इसलिए भी खास हो जाता हैं. साथ ही इस अयौध्या दौरे जुडी अन्य दिलचस्प बात ये भी है कि  साल 1992 में हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद ऐसे दूसरे मुख्यमंत्री होंगे जो अयोध्या में रामलला मंदिर जाएंगे. 2002 में उस समय के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने इस विवादित ढांचे का दौरा किया था.

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कल ही अयौध्या कांड पर कोर्ट का फैसला भी आया हैं जिसमें  कोर्ट ने उमा भारती, लालकृष्ण आडवानी सहित 12 लोगों को जमानत तो दे दी हैं लेकिन आरोप मुक्त नहीं किया हैं. साथ ही बाबरी मस्जिद कांड में सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच ने लखनऊ की विशेष अदालत को इस मामले का दो साल में ट्रायल पूरा करके फैसला सुनाने का आदेश दिया है.

ऐसे में अगर ये समझा जाएँ कि योगी के अयौध्या जाने से राम मंदिर बनने की संभावनाओं को बल मिलेगा तो शयद ऐसा कुछ न हो. इसके पीछे एक मुख्य कारण कल हुई सुनवाई से जुडा हैं. अभी तक सीबीआई पर ये आरोप लगते थे कि वेह सरकारी तोते की तरह कार्य करती हैं लेकिन कल जिस तरह से केंद्र की सत्ता में होने के बावजूद सीबीआई की अदालत ने भाजपा के शीर्ष नेताओं को दोषी माना उससे सीबीआई पर लगा ये दाग धुल गया.

हालाँकि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार के गठन के बाद ही योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने में अपनी सहमति जताई थी. और बहुत से हिन्दू दल भी अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने के लिए दबाव डाल रहे हैं. लेकिन फिलहाल चल रहे हालातों को देखकर ऐसा कहना कि केंद्र में व राज्य ,में सरकार होने के कारण अब राम मंदिर की राह आसान हो जायेगी, गलत होगा. इसका एक कारण ये हैं कि अयोध्या का मसला सुप्रीम कोर्ट में हैं. और भाजपा ऐसा कुछ भी नहीं करेगी जैसा कि भूतकाल में हुआ. भाजपा के शीर्ष नेताओं को पता हैं कि उन्माद फैला कर वो सत्ता पर काबिज नहीं हो सकती. बल्कि विकास ही उन्हें सत्ता की चाबी फी से दे सकता हैं. ऐसे में योगी का अयौध्या दौरा विकास के लिहाज़ से तो आशाओं से भरपूर कहा जा सकता हैं लेकिन योगी जी से अयौध्या में राम मंदिर बनवाने की आशा न रखें. हाई ये बात सही है कि योगी आदित्यनाथ का दौरा राम मंदिर के मुद्दे को फिर से उभार सकता है.

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