नए बजट से टैक्स चोरो और भगोड़ो समेत पार्टियों की मिलने वाले चंदे पे भी सरकार की नजर

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Here are 10 key points related to the budget 2017

कल सरकार ने इस साल का बजट पेश किया जिसमे कई सारी नयी योजनाये लागू गई जो की जनता के हित में हैं लेकिन इसके साथ साथ सरकार ने कुछ ऐसे प्रावधान भी रखे जिसके चलते अब कोई भी सरकार से टैक्स चोरी नहीं कर सकेगा , यही नहीं बल्कि पार्टियों को मिलने वाले चंदे और बैंक से लोन लेकर भागने वाले लोगो पर रहेगी सरकार की ख़ास नजर |

Budget 2017-18 see main things

राजनीतिक पार्टियों पे सरकार की नजर –

देश में चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाली संस्था ADR यानी Association for Democratic Reforms ने सरकार को बताया की पोलिटिकल पार्टियों को जो चंदा मिलता हैं उसमे से 69% चंदे का उनके पास कोई हिसाब नहीं रहता हैं और बार बार पूछने पे वो कोई जवाब नहीं देती | लेकिन अब सरकार ने इसके खिलाफ कदम उठाते हुए ये साफ़ कर दिया हैं की कोई भी पार्टी अब एक शख्स से 2000 रुपये से अधिक नगद के रूप में नहीं ले सकेगी , इससे ज्यादा की रकम उसे चेक या फिर अकाउंट में ट्रान्सफर करवा के लेनी होगी जिसकी जानकारी सरकार के पास रहेगी | अर्थात अगर पार्टी 2000 से ज्यादा पैसा किसी से लेती हैं तो उन्हें बताना होगा की इसका स्त्रोत क्या हैं |

टैक्स चोरो का ये हिसाब  –

सरकार से टैक्स छिपा के खुद को गरीब बताने वाले लोगो का भी आकड़ा सरकार ने पेश किया जिसमे 125 करोड़ की आबादी वाले देश में 2015-16 में सिर्फ 3 करोड़ 70 लाख लोगों ने टैक्स रिटर्न भरा जिसमें 99 लाख लोग वो हैं जो 2.5 लाख से कम आय दिखाते हैं | 1 करोड़ 95 लाख लोग वो हैं जो 2.5 लाख से 5 लाख के बीच अपनी आय दिखाते हैं | देश में सिर्फ 52 लाख लोग ऐसे हैं जो 5 लाख से 10 लाख के बीच अपनी इनकम बताते हैं | आपको बता दे की भारत में 100 वोटर्स में सिर्फ 7 इमानदारी से टैक्स भरते हैं जबकि नैव में यह आकड़ा शत प्रतिशत हैं |

लोन डिफाल्टरो की सम्पति होगी जब्त –

वित् मंत्री ने लोन लेकर उसे ना चुकाने वाले और भाग जाने वाले लोगो के खिलाफ नकेल कसते हुए कहा हैं की ऐसे लोगो की संपत्ति जब्त करके उनसे लोन बसूला जाएगा |बैंक डिफॉल्टर्स की जानकारी देने वाली संस्था – क्रेडिट ब्यूरो इन्फॉर्मेशन ऑफ इंडिया यानी सिबिल ने जानकारी देते हुए बताया की साल 2013 से 2015 के बीच बैंको की 1 लाख 14 हजार कोड रुपये डूबे हैं जिसमे 52 हजार करोड़ की वापसी की उम्मीद नहीं हैं |

कल पेश हुए बजट के दौरान अरुण जेटली ने इन सब पे शिकंजा कसने की तैयारी करली हैं और अब देखना होगा की सरकार का ये प्लान कितना कामयाब होता हैं |

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