PNB के बाद अब आईडीबीआई में 772 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी

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पंजाब नेशनल बैंक स्कैम के बाद आईडीबीआई बैंक के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आईडीबीआई बैंक ने पूर्ववर्ती आंध्रप्रदेश में मछलीपालन के लिए दिए गए 772 करोड़ के लोन के संबंध में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। जिसके बाद इस मामले में सीबीआई ने दो केस दर्ज किए हैं।2009 से 2013 के बीच हैदराबाद, गुंटूर, राजमुंदरी, भीमावरम और पलंगी की शाखाओं से ये लोन मंजूर किए गए।
772 crore fraud in IDBI after PNB

ये है पूरा मामला –

खबर के मुताबिक बाद में सामने आया कि 52 समूहों के नाम से 772 करोड़ का लोन धोखाधड़ी से कुछ उद्योगपतियों ने हासिल किया है। इसमें वे समूहों के नाम से एक-दूसरे के गारंटर बन गए थे। इसमें मछलीपालन के लिए जिन तालाबों के कागजात जमा किए गए वो असल में थे ही नहीं। हैदराबाद और गुंटूर की शाखाओं को लेकर सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। बाकी में मामले दर्ज किए जाने हैं। इस खुलासे के बाद से आईडीबीआी बैंक का शेयर भी गिरा है। इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आईडीबीआई बैंक के पूर्व जनरल मैनेजर बट्टू रामा राव और 30 अन्य लोगों के खिलाफ कथित रूप से बैंक से 445.32 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसान क्रेडिट कार्ड और मत्स्य खेती ऋण हासिल किए गए।

तलाशी में नीरव मोदी के यहाँ से मिली 170 कीमती चीजे –

नीरव मोदी के खिलाफ लगातार जांच एजेंसिया पड़ताल कर रही हैं। इस पड़ताल के दौरान कई ऐसे मामले भी जांच एजेंसियों के सामने आए हैं जिसमे कई अहम खुलासे हुए हैं। नीरव मोदी के खिलाफ जांच के दौरान जांच एजेंसियों को कई ऐसी छिपी हुई संपत्ति की जानकारी मिली है जिसकी कीमत करोड़ो रुपए में है। इस जांच के दौरान कई ऐसे लोग भी सामने आए हैं जोकि काले धंधे में लगे हुए हैं।

जांच एजेंसियों को नीरव मोदी की संपत्ति की तलाश के दौरान 170 पेंटिंग्स मिली है जोकि काफी जाने-माने कलाकारों की हैं और इनकी कीमत करोड़ो रुपए हैं। जो पेंटिंग्स मिली हैं उसमे जेमिनी राय, राजा रवि वर्मा, रवींद्र नाथ टैगोर, रामकिंगर बैज, नंदलाल बोस, गगनेंद्र नाथ टैगोर, अकबर पद्मशी और एफएन डिसूजा जैसे कलाकार शामिल हैं। इन पेंटिंग की कीमत करोड़ो रुपए में है। आयकर विभाग ने इन पेंटिंग्स की जांच के लिए जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स के प्रोफेसर की मदद ली है, जोकि इसका पता चलाएंगे कि यह कितनी पुरानी हैं और इनकी क्या कीमत है। साथ ही जांच एजेंसिया इस बात की भी जांच करेंगी कि यह पेंटिंग्स नीरव मोदी और उनके करीबियों की हैं या फिर किसी और की। जांच एजेंसियां यह भी देखेंगी कि अगर यह पेंटिंग्स नीरव मोदी और उनकी कंपनी की है तो क्या इसकी कीमत का जिक्र बैलेंस शीट में है।

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