कांग्रेस से बीजेपी में आये नेता त्रिपुरा में बने मंत्री, मोदी की मौजूदगी में बिप्लब कुमार ने ली सीएम पद की शपथ

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त्रिपुरा में बीजेपी को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद शपथ ग्रहण का नजारा भी अलग था क्योकि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे | अगरतला के असम राइफल्स मैदान में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बिप्लब कुमार देब ने त्रिपुरा के 10वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके अलावा जिष्णु देव वर्मा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सीएम बिप्लब कुमार देब, डिप्टी सीएम जिष्णु देव वर्मा के अलावा जिन विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें रतनलाल नाथ, नरेंद्र चंद्र देब बर्मा, सुदीप रॉय बर्मन, प्रांजित सिंह रॉय, मनोज कांति देब, मेवाड़ कुमार जमातिया का नाम शामिल है। त्रिपुरा की भाजपा की तरफ से मंत्री बनने वाले कई सारे नाम पहले कांग्रेस में शामिल थे लेकिन बीजेपी में आने से उनका भाग्य पलट हुआ और वो मंत्री बन गए |

Bipal Kumar sworn in as CM of tripura in the presence of Modi

इन मंत्रियो ने ली शपथ –

जिष्णु देव वर्मा को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई गई है। जिष्णु देव वर्मा बीजेपी के जनजाति मोर्चा के प्रदेश संयोजक हैं। आदिवासी संगठन IPFT के अध्यक्ष एनसी देबबर्मा ने मंत्री पद की शपथ ली है। उनकी पहचान प्रदेश के बड़े आदिवासी नेता के तौर पर है। पांचवीं बार विधायक बने रतनलाल को बिप्लब देब मंत्रीमंडल में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इस बार रतनलाल बीजेपी से विधायक बने हैं, इससे पहले चार बार वो कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। स्पीकर की रेस में उनका नाम सबसे आगे माना जा रहा है। सुदीप रॉय बर्मन को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। सुदीप रॉय बर्मन कांग्रेस के बड़े नेता रहे हैं। बीजेपी विधायक सुदीप रॉय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। कांग्रेस छोड़ने के बाद वो पहले टीएमसी में शामिल हुए, हालांकि चुनाव से ठीक पहले वो बीजेपी में आ गए। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए मनोज कांति देब को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

Bipal Kumar sworn in as CM of tripura in the presence of Modi

मनोज कांति देब चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में आए। IPFT के जनरल सेक्रेटरी और विधायक मेवाड़ कुमार जमातिया को नई सरकार में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। विधानसभा चुनाव में उन्होंने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। मेवाड़ कुमार जमातिया पूर्व में उग्रवादी संगठन से जुड़े थे हालांकि बाद में उन्होंने सरेंडर कर दिया। संताना चकमा, बिप्लब देब मंत्रीमंडल में इकलौती महिला मंत्री हैं। त्रिपुरा में मजबूत पकड़ रखने वाली चकमा जनजाति में उनकी अच्छी पकड़ की वजह से उन्हें टिकट मिला। प्रांजित सिंह रॉय को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। वो चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुए और अब उन्हें मंत्री बनाया गया है। प्रांजित सिंह रॉय साल 2013 में कांग्रेस पार्टी से विधायक थे, लेकिन 2016 में वो टीएमसी से जुड़ गए। 2017 में वो बीजेपी में शामिल हुए।

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