छोटे उद्योगपतियों के अपमान का मोदी जी कोई हक़ नहीं – राहुल गाँधी

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एक तरफ कांग्रेस पार्टी है जो महापुरुषों के दिखाए रास्ते पर चलती है। क्रोध नहीं फैलाते, हम करके दिखाते है। मोदी जी, जो आपने कहा वो कर के दिखाओ।’ यह बात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कही है। वो आज कर्नाटक के दौरे पर हैं। इस दौरान एक सभा में राहुल ने कहा कि ‘कर्नाटक में सिद्धारमैया जी ने प्रत्येक व्यक्ति को 7 किलो चावल देने का कार्य किया। कोई भेदभाव नहीं किया गया, चाहे परिवार में कितने भी सदस्य हों।

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अपमान करने का कोई हक़ नहीं –

राहुल ने कहा कि जब मोदीजी कहते हैं कि 70 साल में देश में कुछ नहीं हुआ तो, वो आपके दादा-दादी, माता-पिता का अपमान कर रहे हैं। क्योंकि इस देश के विकास में आपके माता-पिता का खून-पसीना लगा है। उन्होंने कहा कि पिछले 70 साल में कर्नाटक के किसानों, छोटे दुकानदारों, छोटे उद्योगपतियों ने इस देश के विकास के लिए अपना जीवन दिया है। मोदी जी को उनका अपमान करने का कोई हक नहीं है। बता दें कि राहुल कर्नाटक के दौरे में आज शाम 7 बजे दक्षिण कन्नड़ जिला स्थित मैंगलोर के रोजारियो चर्च में जाएंगे। इसके बाद राहुल 7.15 बजे मैंगलोर स्थित गोकर्णनाथेश्वर मंदिर जाएंगे। वहां पूजा अर्चना करने के बाद वो 8 बजे जिले के ही ऊल्लाल दरगाह जाएंगे।

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राहुल से घबरा रहे है मोदी –

जाहिर है की राहुल गाँधी के कांग्रेस अधिवेशन के दौरान दिए गए भाषण की चर्चा देशभर में हो रही है और इससे एनडीए सरकार पूरी तरह से घबरा चुकी है | इससे पहले भी राहुल गाँधी कर्णाटक में किसानो से मिले थे और सड़क में अचानक चलते हुए ही उन्होंने अपनी गाड़िया रुकवाकर गन्ने के खेत में जाकर किसानो से मिले थे | आपको बता दे की कांग्रेस कर्णाटक में पूरी तरह से सक्रीय होती नजर आ रही है जिसका पूरा श्रेय राहुल गाँधी को जाता है |

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वही बीजेपी को कमजोर दिखाने की तैयारी में कांग्रेस –

कर्नाटक में दो महीने के भीतर होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले, राज्य में कांग्रेस सरकार ने लिंगायत को धार्मिक अल्पसंख्यक दर्जा देने के लिए केंद्र को सिफारिश करने का फैसला किया है। लिंगायत एक प्रभावशाली समुदाय है जिसे विपक्षी, भारतीय जनता पार्टी के प्रति वफादार मानते हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता वाली एक कैबिनेट बैठक में चर्चा के कुछ घंटे बाद, एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली एक समिति की रिपोर्ट को स्वीकार करने का निर्णय लिया। राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लिंगायत समुदाय, जो राज्य की आबादी का लगभग 18 फीसदी है,उसे भाजपा के प्रति वफादार है। राज्य में बीजेपी का सबसे बड़े नेता और पार्टी के मुख्यमंत्री पद का चेहरा बीएस येदियुरप्पा भी लिंगायत हैं। तो वही भाजपा जो कर्नाटक जीतने की उम्मीद कर रही है, वो कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो गई है। भाजपा की ओर से इसे एक विभाजनकारी कदम कहा गया है। कर्नाटक भाजपा ने ट्वीट किया था कि – अगर ढोंगी के लिए कोई ऑस्कर है तो वह राहुल गांधी को मिलना चाहिए।” उन्होंने आज कल में सभी के बीच एकता, प्रेम और बिरादरी के बारे में भावपूर्ण बातें की। उनके विद्रोही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बासवन्ना के अनुयायियों को अलग अल्पसंख्यक धर्म में विभाजित करने की सिफारिश की है।

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