MP वजट 2018: शिवराज सरकार ने किसानो और शिक्षा के लिए खोला खजाना , विपक्ष ने बताया चुनावी वजट

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मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने आज अपने कार्यकाल का आखिरी वजट पेश किया | सरकार की ओर से यह बजट दो लाख करोड़ रुपए से अधिक का है। वित्त मंत्री जयंत मलैया ने दावा किया है कि प्रदेश की विकास दर राष्ट्रीय विकास दर से भी अधिक है। देश की अर्थव्यवस्था में मध्य प्रदेश का हिस्सा अब बढ़कर 3.84 हो गया है। इस बार बजट में पशुपालन के लिए 1038 करोड़ रुपए और बीमा योजना के लिए 2000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री का बजट भाषण विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच शुरू हुआ, कांग्रेस इस बात को लेकर हंगामा कर रही थी कि यह बजट किसान विरोधी है।

mp budget 2018 shivraj opened treasure for farmers

ये है वजट की मुख्य घोषणाएं –

  • किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास किये जा रहे हैं | इसके तहत कृषि क्षेत्र के लिए 37,498 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है |  पशुपालन के लिए 1,038 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. साथ ही मत्स्य पालन के लिए 51 करोड़ 89 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है |
  • वित्त मंत्री ने भावांतर योजना के तहत तीन हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, इस योजना के तहत मध्य प्रदेश के 15 लाख किसानों को जोड़ा गया है। इसके तहत किसानों के खातों में 1500 करोड़ रुपए जमा कराए जाएंगे।
  • स्कूल शिक्षा के लिए 21 हजार 724 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, साथ ही शिक्षक व अतिथि विद्वानों का वेतन बढ़ाया जायेगा | अध्यापक संवर्ग को खत्म कर शिक्षक बनाया जाएगा |
  • लाडली लक्ष्मी योजाना के लिए 900 करोड़ की राशि दी गई है और बताया गया की अभी तक 27 लाख कन्यायो को इसका फायदा मिल चुका है |
  • स्वच्छ भारत मिशन में शहरी क्षेत्र के लिए 395 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्र ओडीफ भी घोषित हो चुके हैं | अब तक 7.5 लाख व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण भी किया जा चुका है |
  • अल्पकालिक कर्ज चुकाने हेतु डिफाल्टर किसानों के लिए समझौता योजना के तहत 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है | किसानों को कर्ज चुकाने की अंतिम तारीख 28 मार्च से बढ़ाकर 27 अप्रैल की गई है |
  • सहकारिता क्षेत्र के लिए 1,627 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, इससे 28 लाख किसानों को लाभ हुआ है | किसानों के लिए कृषक संवृद्धि योजना शुरू की गयी है. 15 लाख किसान भावान्तर भुगतान योजना  में शामिल हुए हैं. किसानों के खातों में 1,500 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं |

जाहिर है की शिवराज सरकार द्वारा पेश किये गए इस वजट को विपक्ष ने पूरी तरह से चुनावी वजट का नाम दिया है क्योकि आगामी नवम्बर माह में मध्यप्रदेश में चुनाव होने है |

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