गुजरात चुनाव : बीजेपी उम्मीदवार का विवादित बयान , दाढ़ी और टोपी वाले आँखे नीची रखे

0
786

अहमदाबाद || देश में चल रहे गुजरात चुनाव प्रचार के माहौल में आये दिन नयी नयी बाते देखने को मिल रही हैं और नेताओं के भड़काऊ भाषण और विवादित बायाँ सामने आ रहे हैं | वडोदरा की डभोई विधानसभा से भाजपा उम्मीदवार शैलेश मेहता ने बुधवार को अपनी एक जनसभा में कहा कि हम अपने विधानसभा क्षेत्र को दुबई नहीं बनने देंगे। शैलेश मेहता यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि मैं अपने विरोधी उम्मीदवार की तरह मस्जिद और मदरसों में एक रुपया नहीं दूंगा।

bjp candidate controversial statement

दाढ़ी और टोपी वालो का समर्थन नहीं

शैलेश मेहता ने आगे कहा कि जो लोग ‘दाढ़ी’ और ‘टोपी’ का समर्थन करते हैं वे अपनी आवाज या आंखें ऊंची न करें। उन्होंने यह भी कहा कि मैं यहां भय पैदा करने आया हूं। जनसभा में शैलेश ने कहा था, ‘अगर भीड़ में कोई दाढ़ीवाला व्यक्ति है तो उससे मैं माफी चाहता हूं लेकिन इन बातों को कम होना पड़ेगा। मुझे कई लोगों ने भीड़ में ऐसी बात करने से मना किया लेकिन मैं सिर्फ 10 फीसदी लोगों की वजह से क्यों अपनी बात न कहूं? वे जो भी काम कर रहे हैं, उन्हें बंद करना होगा।’

उन्होंने यह भी कहा कि बुधवार को शांति समिति की एक बैठक में किसी ने उन्हें बताया कि एक तड़ीपार व्यक्ति का कहना था कि उसे बीजेपी प्रत्याशी से डर लगता है। उन्होंने कहा कि यही सुनिश्चित करने आए हैं कि वे डरें।

जाहिर हैं की देश में इस समय गुजरात चुनाव की लहर चल रही हैं और इसके लिए नेता तरह तरह के विवादित बयान दे रहे हैं | जहाँ आज मणिशंकर ने पीएम मोदी को एक नीच आदमी कहा वही दूसरी और इस नेता का भाषण और जवाब सुनने के बाद हर कोई शायद बीजेपी के आलाकमान और उनके द्वारा अपने पार्टी के लोगो को दी गई सोच के बारे में कहेगा |

आज पीएम मोदी ने भी सूरत रैली में मणिशंकर की बात का जवाब देते हुए कहा की उनकी सोच मुगलाई हैं जिसे देख के यही अगता हैं की समस्त बीजेपी अब मुसलमानों के खिलाफ साफ़ तौर पे खड़ी नजर आ रही हैं जिसका पूरा फायदा कांग्रेस को मिलेगा और मुस्लिम बाहुल्य ओलाको में कांग्रेस को जीत मिलने की उम्मदी हैं | आपको बता दे की गुजरात में अभी तक के आकडे बीजेपी को सत्ता में बता रहे हैं वही कुछ आकडे यह कह रहे हैं की कांग्रेस और बीजेपी में कांटे की टक्कर हैं जबकि कुछ लोगो का कहना हैं की हार्दिक पटेल के साथ आने से कांग्रेस का जीतना तय हैं लेकिन इस बार गुजरात चुनाव में पीएम मोदी की रैली की खाली कुर्सी ये साफ़ तौर पे जाहिर करती हैं की कही ना कही अब गुजरात की जनता बदलाव चाहती हैं |

Previous articleदो तरह के पटेलों में बटा हुआ हैं गुजरात, जानिये कौन हैं हार्दिक के साथ और कौन बीजेपी के साथ
Next articleगुजरात चुनाव : पोलिंग को बस तीन दिन बाकी , लेकिन क्यों नहीं आया बीजेपी का घोषणापात्र

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here