एमपी उपचुनावों में कांग्रेस के लिए काम करने की बातों का रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने किया खंडन

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नई दिल्ली: देश के जाने-माने राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने उन रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिसमें कहा जा रहा था कि मध्य प्रदेश में उपचुनावों के लिए वो कांग्रेस के लिए काम करेंगे. दरअसल सिंधिया समर्थक विधायकों के इस्तीफ़ा देने के बाद खाली हुई सीटों में उपचुनाव होना था और इसके लिए रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस प्रशांत किशोर को हायर करना चाहती थी लेकिन किशोर ने इन बातों का खंडन किया है.

Strategist Prashant Kishore denied talk of working for Congress in MP by-elections

मेरी कोई रूचि नहीं: किशोर

आपको बता दें की पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा ने कहा था कि एमपी में होने वाले उपचुनावों के लिए प्रशांत किशोर से बातचीत हो रही है. इस बात के जवाब में किशोर ने कहा कि “न केवल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बल्कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी मुझसे संपर्क किया था लेकिन मैंने उनके प्रस्ताव पर न तो कोई सहमति दी हैं और न कोई फैसला लिया है. किशोर ने आगे कहा मैं कांग्रेस का ऑफर इसलिए फिलहाल नहीं लूंगा क्योंकि कांग्रेस पार्टी के साथ राज्य स्तर पर काम करने में मेरी कोई रुचि नहीं हैं.

क्या बोले थे पीसी शर्मा-

पूर्व मंत्री और एमपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा ने कहा था कि “प्रदेश में 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से बात कर रहे हैं. वह सर्वेक्षण कर, सोशल मीडिया और मतदान की रणनीति बनाने में पार्टी की सहायता करेंगे. शर्मा ने कहा था कि किशोर प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के लिए काम कर चुके हैं. उन्होंने कहा, वह पार्टी के उम्मीदवार चयन और अन्य मुद्दों पर भी मदद करेंगे.

अब है आर-पार की लड़ाई-

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश की 24 विधानसभा सीटों में उपचुनाव होने हैं और यह बीजेपी और कांग्रेस के लिए आर-पार की लड़ाई है. दोनों ही दल इन चुनावों में अपनी पूरी तैयारी करने में लगे हैं. एमपी कांग्रेस में लगातार बैठकों का दौर जारी है तो वहीँ बीजेपी में भी इसके लिए कमर कस ली है. यह चुनाव तय करेगा की कांग्रेस एमपी का भविष्य क्या होगा. आपको बता दें कि बागी विधायकों के इस्तीफ़ा देने के बाद कांग्रेस को सत्ता छोडनी पड़ी थी और कमलनाथ ने बीस मार्च को सीएम के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. इसके बाद से ही लगातार उपचुनावों की तैयारी चल रही है.

कांग्रेस पार्टी का पूरा प्रयास रहेगा की कर्जमाफी और कोरोना वायरस जैसे कई मुद्दों पर वह बीजेपी को घेरे. इसके लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ, जीतू पटवारी, पीसी शर्मा, बाला बच्चन और अजय सिंह राहुल भैया लगातार तैयारियों में लगे हुए हैं.

पीके के आने से मिलेगा बल– कांग्रेस इन उपचुनावों में किसी भी कीमत पर सीटें जीतना चाहती है और प्रशांत किशोर के आ जाने से उसकी इसकी मंशा को निश्चित रूप से बल मिलेगा. साल 2014 में बीजेपी को जिताने और उसके बाद दिल्ली में फिर से केजरीवाल को बिठाने में पीके का बहुत बड़ा योगदान है. हालाँकि फिलहाल प्रशांत किशोर अपने खुद के कार्यक्रम “बात बिहार की” में व्यस्त हैं.

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