अखिलेश ने पहले शिवपाल के बेटे और अब उनके करीबी बाहुबलियों के टिकट काटे

0
1097
akhilesh cuts ticket of shivpal son

जगजाहिर हो चुका हैं की अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच कुछ भी ठीक नहीं हैं दोनों में बहुत ही ज्यादा मतभेद हैं जिसके चलते शिवपाल के बेटे समेत उनके करीबियों को भी अखिलेश ने सबक सिखाते हुए उन्हें टिकट नहीं दिया | जाहिर हैं की सपा सुप्रीमो बनने से पहले ही अखिलेश यादव ने पूर्वांचल के बाहुबलियों से दूरी बनानी शुरु कर दी थी। लेकिन, इसके बाद अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव के लिए जारी सूची में भदोही जिले के ज्ञानपुर से बाहुबली विधायक विजय मिश्रा का टिकट काटने के साथ ही मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद को टिकट न देकर एक अलग राजनीति के संकेत दिये हैं। बता दें कि अखिलेश कौमी एकता दल के विलय करवाने से नाराज थे।

akhilesh cuts ticket of shivpal son

वे अपनी टीम में माफिया और बाहुबलियों को टिकट नहीं देना चाहते थे। वहीं, उन्होंने मऊ से कौमी एकता दल के मुख्तार अंसारी और इलाहाबाद के फुलपुर से अतीक अहमद को टिकट दिये जाने का विरोध किया। लेकिन, ये तो तय था कि अखिलेश की टीम में इन लोगों का बोलबाला नहीं होने वाला है। अखिलेश ने भदोही के ज्ञानपुर के वर्तमान बाहुबली विधायक विजय मिश्रा का टिकट काटकर अलग राजनीति का एक नई हवा दी है। लेकिन अखिलेश के उलट, पिता मुलायम ने अतीक अहमद को टिकट दिया तो वहीं चाचा शिवपाल यादव ने मुख्तार अंसारी की कौमी एकता दल का विलय करवाया। लेकिन विजय मिश्रा सपा से ही विधायक है। इस बात का किसी को भी अंदाजा नहीं था कि अखिलेश इन बाहुबलियों का टिकट काट देंगे।

तीनो उम्मीदवार जीतू फिर भी नहीं दिया टिकट –
बता दें कि पूर्वांचल में इन तीनों बाहुबलियों का दबदबा है और तीनों की शिवपाल यादव से अच्छी बातचीत है और ये तीनो जिताऊ उम्मीदवार हैं लेकिन फिर भी अखिलेश यादव ने इनका पत्ता साफ़ कर दिया | अतीक अहमद कानपूर कैंट से निर्दलीय भी जीत चुके हैं और विजय मिश्र का भदोही में बहुत ज्यादा दबदबा हैं और पूरा ब्राह्मण समुदाय उनके साथ हैं |
अखिलेश के इस फैसले से उनको कितना नुकसान और फायदा होता हैं ये तो चुनाव का रिजल्ट ही बताएगा लेकिन एक बात साफ़ हैं अब शिवपाल की भूमिका पार्टी में ना के बराबर होती जा रही हैं |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here