गुजरात चुनाव : ये हो सकते हैं अमित शाह की सीट के उत्तराधिकारी

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गुजरात चुनाव में अभी तक बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी नहीं की हैं लेकिन इसमें काफी कवायद होने लग गई हैं | आपको बता दे की राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद अमित शाह की नारणपुरा सीट खाली हो गई हैं जहाँ से वो पहले विधायक थे | इसके बाद इस पर भाजपा ही कांग्रेस की भी इस सीट पर नजर है। सभी जानना चाहते हैं कि इस सीट पर अमित शाह का वारिस कौन होगा। इसके अलावा एक और निर्वाचन क्षेत्र है जिस पर भी लोगों की नजर है। वह है गुजरात की पूर्व मुख्‍यमंत्री आनंदीबेन पटेल की निर्वाचन सीट घटलोडि़या। वह घटलोडि़या सीट से चुनाव लड़ती रही हैं।

who may be successor of amit shah sear

ये हैं सबसे आगे –

खबरों के मुताबिक नारणपुरा सीट से जो नाम सबसे आगे चल रहा है वह जागृति पंड्या। गुजरात के पूर्व गृहमंत्री हरेन पंड्या की पत्नी जागृति पंड्या को पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने बाल अधिकार आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। जागृति भाजपा के खिलाफ विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं। आपको बता दें कि 26 मार्च, 2003 को नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के कट्टर विरोधी माने जाने वाले हरेन पंड्या की अहमदाबाद में लो गार्डन के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

हरेन के पिता विठ्ठलभाई पंड्या ने अपने बेटे की हत्या के लिए नरेन्द्र मोदी और अमित शाह को दोषी बताया था। कई साल तक इस मामले में शांत रहने के बाद हरेन की पत्नी जागृति पंड्या ने 2007-08 में अपने ससुर विठ्ठलभाई की तरह मोदी और शाह को अपने पति की हत्या के लिए ज़िम्मेदार बताया था। हाल ही में अहमदाबाद में हुई रन ऑफ यूनिटी कैंपन में जागृति पंड्या ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई थी।

आनंदीबेन ने किया था मना

दरअसल इस बार आनंदीबेन पटेल ने भी चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। उन्‍होंने पार्टी अध्‍यक्ष को खत लिखकर चुनावी मैदान में उतरने से मना कर दिया था। इसके बाद से इस सीट पर भाजपा के दावेदारी किसे मिलेगी यह देखना होगा। इस बीच चुनाव नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद टिकटों के बटवारे के लिए सूची को अंतिम रूप देने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं ने 15 नवंबर को दिल्ली में बैठक हुई। हालांकि उम्मीदवारों को टिकटों को लेकर कोई ऐलान नहीं किया गया।
अभी तक बीजेपी ने लिस्ट जारी नहीं की हैं इसीए कुछ भी कहना संभव नहीं होगा लेकिन उम्मीद हैं की इन्हिमे से किसी को अमित शाह की सीट का सदस्य बनाया जा सकता हैं | यह सीट काफी सेफ मानी जाती हैं |

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